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हरियाणा PHDCCI, बल्क ड्रग्स और मेडिकल डिवाइस पार्कों के लिए अब उठाएगा ये कदम!

Wednesday September 23, 2020 at 5:03 pm

हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) बहुत जल्द ही बल्क ड्रग और मेडिकल डिवाइस पार्कों के लिए बोली लगाने के लिए एकदम तैयार है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा घोषित किया गया है। बता दें कि HSIIDC ने पानीपत में प्रोसीड बल्क ड्रग पार्क के लिए 1000 एकड़ लैंड का अधिग्रहण किया है, और यह ज़्यादा लैंड प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगी हुई है। वहीं, स्टेट गवर्नमेंट ने करनाल में एक मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है।

हाल ही में, PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा “द फ्यूचर ऑफ फार्मा इंडस्ट्री” पर एक वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें इसके ऑथोरिटी ने बताया, “प्रोसीड बल्क ड्रग पार्क को बिज़नेस के नज़रिए से देखा जाए तो इसके द्वारा किए गए उद्योग की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसका डिजाइन और एक्विपड को तब्जों दिया जाएगा।”

वहीं, HSIIDC के एमडी अनुराग अग्रवाल ने आगे कहा कि हरियाणा अपने रणनीतिक लाभ के कारण फार्मा पार्कों की स्थापना के लिए एक आदर्श के रूप में जाना जाता है, क्योंकि हरियाणा को देखा जाए तो यह तीन तरफ से दिल्ली से जुड़ता है, और यह घरेलू बाजार में लगभग 11 प्रतिशत तक पहुंच प्रदान करता है। वैसे, इसकी उत्कृष्ट सड़क और हवाई कनेक्टिविटी है, जैसा कि आप सब जानते हैं कि 15 नेशनल हाईवे हरियाणा में मौजूद हैं, जिनमें से चार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से जुड़े हैं। वहीं, इसके आसपास के क्षेत्र खासकर दिल्ली और चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी हैं।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि बल्क ड्रग पार्कों के इवैल्यूएशन क्राइटेरिया कोस्टलाइन स्टेट्स के पक्ष में हैं, जिस पर उन्होंने कहा कि राज्य अपना बिज़नेस पहले आसानी से कर अपनी रैंकिंग बनाता था, मगर अब यह पीछे है। वहीं, अब यह सेलेक्शन क्राइटेरिया में कोस्टल प्रीफेरेंस के लिए तीन अंक पीछे चला जाएगा। हमें समझ में नहीं आता है कि जब देश के केवल 11 राज्यों में समुद्र तट है, तब कोक ड्रग पार्क के विस्तृत दिशानिर्देशों में तट को क्यों प्रॉफ़िट मिला है। उन्होंने आगे कहा कि अंग्रेजों के समय में बंदरगाह माल की आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं है। कहीं न कहीं यह एक ऐसी चीज है, जिसे बनाया भी नहीं जा सकता। स्टेट सेलेक्शन क्राइटेरिया में फेयर इवैल्यूएशन के लिए हम तैयार हैं।

हरियाणा स्टेट ड्रग कंट्रोलर एन के आहूजा ने हरियाणा की फार्मा पॉलिसी पर प्रकाश डाला, जिसे सभी स्टेकहोल्डर्स के कॉन्सुलेशन से तैयार किया गया है। इस पर उन्होंने कहा कि हरियाणा की रेगुलेटरी पॉलिसी एक दोस्त, फिलॉसपर और गाइड के रूप में काम करती है, और इसका ध्यान स्टेट में एंटरप्रेन्योर को संभालना और प्रोसाहित करना है।

बल्क ड्रग्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वाईस प्रेसिडेंट बीआर सिकरी ने इंडस्ट्री की एक्सपेक्टेशन पर जोर देते हुए कहा कि ट्रांसपेरेंसी, बिज़नेस करने में आसानी, पार्क में सभी संबंधित ऑफिस का स्थान, सिंगल विंडो सिस्टम, डीम्ड अप्रूवल और कंपीटिटिव लैंड कॉस्ट आदि। ये सब हरियाणा में प्रोसीड पार्कों की सफलता के एक रूप में हैं।

वहीं, हरियाणा स्टेट चैप्टर PHDCCI के चेयरमैन मोहित जैन ने हरियाणा सरकार की समर्पित फार्मास्युटिकल पॉलिसी 2019 की शुरुआत करके राज्य में फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को बढ़ावा देने के कदम की सराहना की।

साथ ही हरियाणा गवर्नमेंट के इंडस्ट्रीज और कॉमर्स डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सचिव ए के सिंह ने यह भी बताया कि हरियाणा में फार्मा इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी गुंजाइश है, क्योंकि राज्य में एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल पॉलिसी है, जिसका शीर्षक एंटरप्राइज प्रमोशन पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी अब रोजगार पर भी जोर देगी।

बता दें कि, ऐसे वेबिनार में सभी बड़े अधिकारियों ने अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी, जो काफी महत्त्वपूर्ण हैं।
वहीं, वेबिनार में भाग लेने वालों ने भी कई सवाल उठाए, जिसमें से कुछ इस प्रकार हैं:
• क्या चीन पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाएगी?
• सभी उद्योगों की सुरक्षा के लिए PLI स्कीम के उत्पादों की घोषणा की जाएगी?
• क्या थोक दवाओं के पार्कों में इकाइयों को पर्यावरण मंजूरी आदि से छूट दी जाएगी?